NEET-UG 2026 पेपरफुटीनंतर केंद्रीय शिक्षण मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यांचा राजीनामा; विद्यार्थ्यांच्या आंदोलनाला यश?
NEET-UG 2026 पेपरफुटी, देशभरातील आंदोलन, सोनम वांगचुक यांच्या उपोषणानंतर धर्मेंद्र प्रधान यांनी पंतप्रधान नरेंद्र मोदींकडे राजीनामा सादर केला. राजीनाम्यात नेमके काय म्हटले आहे, जाणून घ्या.

Dharmendra Pradhan Resignation
नीट पेपर फुटी नंतर केंद्रीय शिक्षण मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यांच्या राजीनामाची मागणी लावून
धरली आणि आज शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यांनी आपल्या पदाचा राजीनामा दिला
नीट UG 2026 चा मे महिन्यातील होणारा पेपर हा आधीच लीक झाला त्यामुळे NTA नी मे महिन्यातील पेपर रद्द केला व
याची सखोल चौकशी करण्याचे आदेश दिले हा पेपर महाराष्ट्र मधून कुठला
असल्याची प्राथमिक माहिती मिळाली त्यानंतर काही जणांना अटक देखील करण्यात आली
सोनम वांगचुक यांचे उपोषण
दिल्लीमधील जंतर-मंतर येथे सोनम वांगचुक यांनी उपोषण सुरू केले पण
पोलिसांनी हायकोर्टाच्या आदेशाप्रमाणे त्यांना रुग्णालयात नेऊन दाखल केले
तरीदेखील सोनम वांगचुक यांनी आपले उपोषण दवाखान्यात देखील चालूच ठेवले
दोन दिवसा खाली सोनम वांगचुक यांनी आपले उपोषण सोडले पण धर्मेंद्र प्रधान
यांच्या राजीनाम्यावर ते ठाम होते हा राजीनामा झालाच पाहिजे अशी त्यांची मागणी होती यानंतर कॉक्रोच जनता पार्टीचे
अभिजीत दिपके यांनी जंतर-मंतरवर उपोषण चालू केले याचे पडसाद संपूर्ण देशभरात उमटायला लागले विद्यार्थ्यांवर झालेला
लाटी चार्ज यामुळे देशातील अनेक युवक हे रस्त्यावर उतरले व आंदोलन करू
लागले स्वतः पंतप्रधान नरेंद्र मोदींनी देखील या आंदोलनाची दखल घेत विद्यार्थ्यांशी व्हिडिओद्वारे संवाद साधला
केंद्रीय शिक्षण मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यांचा राजीनामा
केंद्रीय शिक्षण मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यांनी आपल्या पदाचा राजीनामा दिला आहे अशी
धर्मेंद्र प्रधान यांची एक पोस्ट येथे वाचा
https://x.com/i/status/2080938216505667663
त्यांनी एक एक्स पोस्ट द्वारे माहिती दिली आहे नेमके राजीनामाचे कारण काय आहे व राजीनामात काय लिहिले आहे हे जाणून घेऊया

मेरे युवा साथियों,
मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं।
मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा
पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय
प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर
मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।
किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई।
भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और
परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके
साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए।
इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार,
विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों,
अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।
पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा।
मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा
माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें
गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।
परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार
पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।
मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का
गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।
पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है।
देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।
जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के
एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर
फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही,
मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी
आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा।
प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा
की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पि
त रखूँगा।
आपका,
धर्मेंद्र प्रधान







